BJP राज में देश भक्त गधों ने Anti-National घोड़े की टाँग तोड़ी.


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क्या ज़माना आ गया है BJP के राज में की गधे घोड़ों पर भारी पर रहे हैं. एक ताज़ा खबर के अनुसार देहरादून में एक गधे ने घोड़े की टाँग तोड़ दी है. बताया जा रहा है की घोड़ा Anti-National था जोकि भारत के विरोध में नारे लगा रहा था. तभी वहाँ से एक BJP का गधा गुजरा जिसका नाम गणेश जोशी था. वो अपने आप को बहुत बड़ा देश भक्त समझता था. और इसी का प्रमाण देने के लिए उसने कुछ और गधों के साथ मिलकर घोड़े की टाँग पे प्रहार किया और उसे तोड़ दिया.

घोड़े की टाँग में एक से ज़्यादा fracture आए हैं और इंडियन मिलिटरी अकॅडमी के डॉक्टर्स उसका इलाज कर रहे हैं. डॉक्टर्स का कहना है की चोट इतनी ज़्यादा और बेरहमी से की गयी है की घोड़ा अब कभी भी अपनी टाँगों पर खड़ा नही हो पाएगा और उसकी टाँग को काटने के अलावा और कोई चारा नही है.

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BJP का देश भक्त गधा Anti-National घोड़े की टाँग तोड़ते हुआ.

जैसा की उमीद की जा रही थी उस गधे ने अपना जुर्म मानने से इनकार कर दिया है. लेकिन उम्मीद है की इस पूरे मामले के वीडियो फुटेज देख कर उस गधे पर कोई क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है बशर्ते की उसके साथ के और गधे साथी और उनके सीनियर लीडर उसका बचाव करने ना उतर जाए.

Animal RIghts Activist और BJP लीडर श्रीमती मेनका गाँधी जोकि देश में कहीं भी किसी भी जानवर पर अत्याचार होने पर चुप नही बैठती हैं, ने अभी तक इस मामले पर कुछ नही कहा है. लगता है की उनको गधे घोड़ों से ज़्यादा प्रिय हैं और वो भी उस नस्ल के गधे जो की अपने आप को सबसे ज़्यादा देश भक्त समझते हैं. आख़िर वह खुद भी उन्ही गधों की पार्टी से संम्बंध रखती हैं तो समझ नही पा रही की क्या बोले.

अब चूँकि यहाँ पर दोषी गधे भी आख़िरकार एक जानवर हैं तो वह एक Animal लवर होने के कारण उनके विरोध में कैसे बोल सकती हैं.
खैर, अब देखना यह है की इस देश की न्यायपालिका इस पूरे मामले को किस तरह देखती है और उस बेचारे शांतिप्रिय घोड़े को न्याय दिलवा पाते हैं या नही. अभी तक तो यह देखा गया है की गधों का पूरा प्रभाव इस देश के क़ानून के रखवालों पर भी है जिस वजह से वह उन पागल और हिंसक गधों के बजाए हमेशा शांतिप्रिय और अपने काम से काम रखने वाले घोड़ो पर नाजायज़ तरीके से एक्शन लेते आ रहे हैं और उनकी ज़िंदगी दूभर बना रहे हैं.

इसका ताज़ा उदाहरण हम जाट आंदोलन और JNU केस में देख चुके हैं की किस तरह गधे इस देश पर राज कर रहे हैं और वह घोड़ों को Anti-National बता कर उन पर अत्याचार करते आ रहे हैं.
अभी बहुत दूर की बात नही है जबकि एक विजय मालया नामक गधा कैसे इस पूरे देश और उसकी सरकार को बेवकूफ़ बना कर और करोड़ों का चुना लगा कर इस देश से रफूचक्कर हो गया और सरकार में बैठे गधे देश भक्ति का रोना रोते रह गये.

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