देश में नकदी की किल्लत के चलते, पतंजलि ने लिया नए नोट छापने का ठेका.


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नोटबंदी के बेवकूफी भरे मोदी के फैसले की वजह से पूरा देश नकदी की किल्लत से जूझ रहा है. एटीएम और बैंक पर लोगो की लाइन ख़तम होने पे नहीं आ रही लेकिन भरा हुआ कैश मिनटों में ख़तम हो जा रहा है.
रिज़र्व बैंक पूरी कोशिशों के बावजूद देश भर के लोगो की पैसों की समस्या को ख़तम नहीं कर पा रहा. रिज़र्व बैंक का गवर्नर उर्जित पटेल कुम्भकर्ण की गहरी नींद में सो रहा है और सिर्फ नए नोटों पर अपने सिग्नेचर करने के लिए बीच बीच में उठ पाटा है.

नोटबंदी: आखिर मोदी क्यों “काले धन” के जुमले के बाद अब “कैशलैस” का जुमला देकर देश को बेवकूफ बना रहे हैं. मोदी ने देश का किया इतना बड़ा नुक्सान जिसकी भरपाई करने में लगेंगे सालों.

ऐसे में, मोदी सरकार के बेहद करीबी बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी ने देश की इस इमरजेंसी का फायदा उठाने का प्लान बनाया है. पतंजलि की तरफ से मोदी सरकार को सुझाव गया है की वे चाहे तो पतंजलि भी नए नोट छापने में सरकार की मदद कर सकते हैं.

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डूबते को क्या चाहिए, तिनके का सहारा और वह भी अगर बात बाबा रामदेव और पतंजलि के फायदे की हो, तो मोदी को और क्या चाहिए. यह तो सोने पे सुहागा हो जायेगा. सो मोदी सरकार ने बाबा रामदेव को नए नोट छापने का ठेका देने का निर्णय लिया है.

पढ़िए, नोटबंदी को लेकर मोदी और जेटली खुद ही इतने कन्फ्यूज्ड हैं कि अपने हर फैसले पर ले रहे हैं यू टर्न.

पतंजलि की तरफ से यह नए नोट छापने का ठेका इस शर्त पर लिया गया है की उन नोटों में गाँधी जी की बाबा रामदेव की फोटो छपेगी. इन नोटों का रंग, ढंग, साइज और आकार सब वास्तु और आयुर्वेद के हिसाब से डिसाईड किया जायेगा. वैसे, सूत्रों के अनुसार, पतंजलि यह नोट सफ़ेद रंग में ही छापेगी ताकि काले धन का टंटा ही ना रहे.

नोटबंदी को लेकर मोदी की जय जय कर करने वाले मुर्ख अंध-भक्तों को यह कहानी जरूर पढ़नी चाहिए.

तो इंतज़ार कीजिये की जल्द ही पतंजलि अपने नए नोटों को मार्किट में लाकर नकदी की किल्लत को ख़तम करती है.

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