बड़ा खुलासा: बाबा रामदेव द्वारा गुड़गाँव को गोद लेने के कारण उसका नाम गुरुग्राम में बदला


Disclaimer: Articles on this website are fake and a work of fiction and not to be taken as genuine or true. इस साइट के लेख काल्पनिक हैं. इनका मकसद केवल मनोरंजन करना, व्यंग्य करना और सिस्टम पर कटाक्ष करना है नाकि किसी की मानहानि करना.

आख़िरकार हमारे वफ़ादार स्वांददाता ने यह गुत्थी सुलझा ही ली की अचानक ऐसा क्या हुआ की हरियाणा सरकार को मिलेनीयम सिटी गुड़गाँव का नाम बदल कर गुरुग्राम करना पड़ा.

आज का यह बड़ा खुलासा हमारे स्वांददाता लुंडर प्रसाद चौरसिया ने किया जो इतेफ़ाक़न कल गुड़गाँव में ही मौजूद थे जब उसका नाम गुरुग्राम में बदलने की बचकानी घोषणा हुई. हमे बड़े दुख के साथ यह खबर बतानी पद रही की एक बार फिर इसका ताल्लुक सीधे सीधे बाबा रामदेव के साथ ही जुड़ा है. जैसा की आप जानते ही हैं की आजकल बाज़ार में हर दूसरा उत्पाद पतंजलि का होता है, ठीक उसी प्रकार हर दूसरी खबर घूम फिर कर बाबा रामदेव के साथ ही जुड़ी होती है.

gurgaon-name-changed-to-gurugram-reasons

सुनने में आया है की बाबा रामदेव ने पतंजलि से जो अरबों खरबों का काला धन अर्जित किया है वे उसको किसी सही ठिकाने पर लगाना चाहते थे ताकि किसी को उनके काला धन के बारे में कोई खबर ना हो. साथ साथ ही वे यह भी चाहते थे की उनको इस धन से अच्छा रिटर्न भी मिले. सो इसके लिए उन्होने केंद्र की मोदी सरकार से सहायता माँगी. अब चूँकि हरियाणा में भी BJP की ही सरकार है तो मोदी सरकार ने उनको यह पैसा भारत के IT सिटी गुड़गाँव में लगाने की सलाह दी.
अब क्यूंकी यह काला धन था इसलिए बाबा रामदेव नही चाहते थे की उनके काला धन का कहीं भी ज़िक्र आए. इसलिए उन्होने एलान किया की वह गुड़गाँव को गोद लेंगे.
जैसे ही बाबा रामदेव द्वारा गुड़गाँव को गोद लेने की प्रक्रिया कल ख़तम हुई तो उन्होने हरियाणा सरकार को इसका नाम गुरुग्राम में बदलने के लिए फ़ौरन एलान करने के लिए कहा.

बाबा रामदेव के प्लान के मुताबिक वे गुड़गाँव को मिलेनीयम सिटी के बजाए एक योगा सिटी बनाना चाहते हैं. इसलिए वे इसका कुछ ऐसा नाम रखना चाहते थे जोकि एक आश्रम के नाम जैसा प्रतीत हो. सो उन्होने आनन फानन में इसका नाम बदल कर गुरुग्राम करने का एलान करवा दिया.
इस नये नामकरण के कारण जहाँ गुड़गाँव की प्रॉपर्टी के दाम एकदम से बुरी तरह से नीचे गिर गये वहीं गुड़गाँव में स्थापित IT और BPO कंपनीज़ में इसको लेकर काफ़ी रोष है.

सूत्रो के मुताबिक अब बाबा रामदेव भी गुड़गाँव की IT, BPO और अन्य MNC कंपनिओ को नोएडा में शिफ्ट करवाने की तैयारी कर रहे हैं. उन कंपनिओ की जगह पतंजलि की फेक्टरियाँ ले लेंगी.
और तो और गुड़गाँव के ठेकों, पब्स और बियर बार की जगह बाबा रामदेव योगा आश्रम खोलने पर विचार कर रहे हैं.

अभी अभी मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार ज़्यादातर नामी गिरामी विदेशी कंपनिओ ने गुड़गाँव में अपने दफ़्तरों को बंद कंरने का फ़ैसला ले लिया है.
चूँकि गुड़गाँव में ज़्यादातर अमेरिकी कंपनिओ के दफ़्तर हैं, सो अमेरिका के राष्ट्रपति बेरेक ओबामा ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को काफ़ी खरी खोटी सुनाई है और मोदी के अमेरिका में घुसने पर आजीवन काल के लिए पाबंधी लगा दी है.

Loading...

Add Comment