कोर्ट- बच्चों का अपने माँ-बाप के घर पर कोई हक नहीं। रैन बसेरों के आगे लगी लम्बी भीड़।


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“अभिभावकों की गाढी कमाई से बनाये गए घर पर बच्चों का कोई कानूनी हक नहीं है। अगर वो वहां रह रहै हैं तो सिर्फ माँ-बाप की दया से।”― दिल्ली उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले की बाद से सारे देश में उथल-पुथल मच गया है।
देश के घरों से बच्चे निकाल दिए गए हैं। कुछ पत्नी के साथ, कुछ अकेले।
दिल्ली में एक मामला ऐसा भी सामने आया जहां बिना किसी जानकारी के 17 साल के बच्चे को घर से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उसने ब्रेड लाने से मना कर दिया। हालांकि अगले दिन उसके पैरेंट्स को उसपर दया वापस आ गयी और उसे घर में वापस रख लियाrainbasera

ऐसे मामले सारे देश में सुनने को आ रहे हैं जिनमें पैरेंट्स की बच्चों के ऊपर दया खत्म हो गयी और बच्चों को उन्होंने घर से निकाल दिया।
लड़के ने खाने में रोटी की जगह चावल मांगा, घर से निकाल दिया। स्कूल जाने से मना किया, घर से निकाल दिया। (अंत में स्कूल में ही सर छुपाने की जगह मिली।)
एक लड़के ने तो बस न्यूज़ चैनल से हटा कर गाने वाला चैनल लगा दिया था। अगली दो रातें उसे रैन बसेरे में अलताफ राजा के गाने सुनते हुय बितानी पड़ी।

इस फैसले के बाद गजब का बवाल हुआ है। बैंकों के आगे लगी भीड़ अब रैन बसेरों के आगे चली गयी है। ऐसे में केजरीवाल जी ने नए रैनबसेरे बनाने की घोषणा की है।
राजनैतिक गलियारों में भी कम उथल-पुथल नहीं है।
मुलायम सिंह ने अपील की है की जैसे माँ-बाप के मेहनत की कमाई के घर पर बच्चों का हक नही होगा ऐसा कुछ ही पैरेंट्स के द्वारा बनाई गयी पार्टी के साथ भी लागू होना चाहिए। इस अपील के बाद अखिलेश का बयान अभी तक नहीं आया है। सुना है वो अपने नाम से मकान खरीदने में लगे है, precaution is better than cure.
राहुल गांधी के चेहरे पर भी हवाइयां उड़ रही थी। सुना है उंन्हें भी ultimatum दे दिया है गया है। UP चुनाव में कुछ अच्छा करो या…
बिहार में भी असर दिखा। लालू यादव ने दोनो बेटों को धमकाया है की या तो “intolerance” और “demonetization” बोलना सीखो नहीं तो घर से निकल जाओ। कोर्ट के इस फैसले ने लालू के लालों की सिट्टी-पिट्टी गुम कर दी है।
अभिषेक बच्चन भी नया घर तलाश रहे हैं, और जब तक घर नहीं मिलता तब तक वो ऐश्वर्या के घर वालों से थोड़ी सी दया की उम्मीद कर रहे हैं।

वैसे देश की ज्यादातर औरतों और लड़कियों ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है , “उनका कहना है की अब लड़कों को पता चलेगा की कैसा होता है अपने माँ-बाप के घर में उनकी दया पर रहना, और जब दया खत्म हो जाये तब बाहर फेंक दिया जाना।

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