HRD मिनिस्ट्री ने देश की 50 यूनिवर्सिटी को फ़र्ज़ी डिग्री इशू करने के लिए दी मान्यता. देश में फ़र्ज़ी डिग्री बेचने वालों की हुई चांदी.


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देश में फ़र्ज़ी डिग्री खरीदना और बेचना अब क़ानूनी रूप से वैद्य हो जायेगा. HRD मिनिस्ट्री की तरफ से इस नए बिल को हरी झंडी दिखा दी गयी है. देश की शिक्षा मंत्री ऑन्टी स्मृति ईरानी ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस करके इसका एलान किया.
सूत्रों की माने तो देश में ऐसी 50 नयी यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएँगी जो सिर्फ और सिर्फ फ़र्ज़ी डिग्री इशू करने का काम करेंगी. ऐसी फ़र्ज़ी डिग्री की कीमत कोर्स के हिसाब से अलग अलग होगी और यूनिवर्सिटी अपने मन माफिक इसकी कीमत लेने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र होंगी. Yale यूनिवर्सिटी, गुजरात यूनिवर्सिटी भी इन चुनिंदा यूनिवर्सिटी की लिस्ट में शुमार हैं. गौरतलब है की आंटी स्मृति ईरानी ने Yale यूनिवर्सिटी की ही फ़र्ज़ी डिग्री लेकर देश की एजुकेशन मिनिस्टर बनी हैं और वहीँ दूसरी और गुजरात यूनिवर्सिटी की ही फ़र्ज़ी MA की डिग्री प्रधानमंत्री मोदी ने प्राप्त की है.

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बिहार में परीक्षा के दौरान नक़ल करने के लिए मशक्त करते देश के होनहार विद्यार्थी. अब ऐसे द्रश्य दुर्लभ हो जायेंगे.

सुनने में तो यहाँ तक आया है की धीरे धीरे देश की सभी यूनिवर्सिटी में एक अलग विभाग का गठन किया जायेगा जिसका काम सिर्फ और सिर्फ फ़र्ज़ी डिग्री इशू करने का होगा. इससे कैंडिडेट को अपने मन मुताबिक और अपनी औकात के हिसाब से किसी भी यूनिवर्सिटी के किसी भी कोर्स के डिग्री लेना संभव हो पाएगा. और वह भी बिना किसी पढ़ाई लिखाई के. आपको सिर्फ उस डिग्री का मूल्य चुकाना होगा और आपको घर बैठे ही फ़र्ज़ी डिग्री प्राप्त हो जाएगी.
जहाँ एक तरफ फ़र्ज़ी डिग्री के इच्छुक विदार्थियों के लिए यह ख़ुशी की बात है वहीँ दूसरी और उतर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में फ़र्ज़ी डिग्री का रैकेट चलाने वाले माफिया इससे काफी नाराज़ है. उनका कहना है की अब जब फ़र्ज़ी डिग्री क़ानूनी रूप से वैद्य हो जाएगी तो उनका धंधा चौपट हो जायेगा. जल्द ही इस माफिया के करीब करीब 5 लाख से भी ज्यादा लोगो के बेरोज़गार होने के आसार बढ़ गए हैं. और अपने हकों की सुरक्षा के लिए यह सभी सड़कों पर उतर का धरना प्रदर्शन करने का प्रोग्राम बन रहे हैं.

HRD मिनिस्ट्री के एक प्रवक्ता ने बताया की भविष्य में फ़र्ज़ी डिग्री के लिए आवेदन तक करने की जरुरत नहीं होगी. उन्होंने बताया की मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडियन के अधीन फ़र्ज़ी डिग्री की सुविधा ऑनलाइन मिलेगी. इसके तहत कैंडिडेट ऑनलाइन पेमेंट करके अपनी फ़र्ज़ी डिग्री खुद बना कर डाउनलोड कर सकेंगे और उसका इस्तेमाल कर पाएंगे.
इस खबर से देश के और खास कर UP , बिहार जैसे राज्यों के विदार्थी काफी उत्साहित हैं. उनका मनना है की अब उन्हें एग्जाम में फर्रे बनाने और नक़ल करने के काम से राहत मिलेगी. अब तक इस काम के लिए उन्हें काफी उर्ज़ा, समय और पैसा व्यर्थ करना पड़ता था लेकिन अब इन सबकी कोई जरुरत नहीं होगी.

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