मोदी की लोकप्रियता को देखते हुए राजनीती के इच्छुक एक युवक ने IIT की पढ़ाई बीच में छोड़ कर चाय का ठेला लगाया.


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प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और केजरीवाल का मजाक उड़ता देख राजनीती में रूचि रखने वाले विद्यार्थी अपनी स्कूल कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ रहे हैं. यह अनोखा ट्रेंड देखने को मिला जब इस देश के अंध भक्त मोदी को लोकप्रिय बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे और उधर IIT से ग्रेजुएट अरविन्द केजरीवाल को सिर्फ मजाक का पात्र बना रहे हैं. इसी के चलते एक होनहार युवक ने अपनी IIT की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ कर, IIT संसथान के ही बाहर चाय का ठेला लगा लिया है.

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मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से आहत एक युवक ने IIT की पढ़ाई छोड़ कर चाय का ठेले लगा लिया.

गौरतलब है की मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले इसी देश के लोग राजनीती में पड़े लिखे लोगो की वकालत करते थे और मुलायम यादव, लालू यादव और मायावती जैसे लोगो की अनपढ़ता को भारत के राजनीती के लिए अभिशाप मानते थे. लेकिन जैसे ही मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली और धर्म और हिंदुत्व के नाम पर इस देश के बहुसंख्यक लोगो को अपने जुमलों से बेवकूफ बनाने का काम शुरू किया तो वोही लोग यकायक अंधे मोदी भक्त बन गए और मोदी की एजुकेशन पर उठने वाले सवालों को ही सिरे से दरकिनार करने लग गए. हद तो तब हो गयी जब इन अंधे मोदी भक्तों में पड़े लिखे माने जाने वाले डॉक्टर्स, इंजीनियर्स और वकील तक शामिल हो गए.
आज भी आप इन सभी अंधे भक्तों को सोशल मीडिया पर दूसरों की माँ बहन करते देख सकते हैं.
वहीँ दूसरी तरफ, राजनीती को नयी दिशा देने वाला और IIT से ग्रेजुएट अरविन्द केजरीवाल सिर्फ एक मजाक का पात्र बन कर रह गया. कारण सिर्फ इतना था की केजरीवाल ने धर्म स्पेशली हिंदुत्व का सहारा नहीं लिया और मोदी के अंध भक्तों ने उसका मजाक उड़ना शुरू कर दिया.
यहाँ तक की इस देश का मीडिया भी जो की बहुत हद तक इन्ही बहुसंख्याक लोगो के ही हाथ में है – वे लोग भी इस धर्म और हिंदुत्व की आंधी में अंधे हो गए हैं. इसलिए ज्यादातर मीडिया को आप इन्ही जाहिल लोगों की आवाज बने पाएंगे.

केजरीवाल के भारत की राजनीती में आने के बाद जो कुछ बदलने की उम्मीद जगी थी वह अब धूमिल होती दिखाई दे रही है. केजरीवाल के आने के बाद लगा था की अब भारत की राजनीती में पड़े लिखे अच्छी सोच वाले ईमानदार लोग दिखाई देंगे. लेकिन मोदी ने आकर सब चौपट कर दिया और इस देश के हालत पहले से भी बदतर बना दिए.
मोदी के जाहिलपन ने इस देश के पड़े लिखे लोगों को भी जाहिल बनने पर मजबूर कर दिया जो अब से पहले कभी देखने को नहीं मिला था.
यही कारण है की IIT और आईआईएम जैसे संस्थानों में पढने वाले अब अपनी राजनीती में रूचि होने के कारण, अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने का मन बना रहे हैं. उनमे से काफी ने तो चाय जैसे ठेले लगा लिए हैं ताकि उनकी राजनीती में सफल होने की सम्भावना बढ़ सके.
हमने जब कुछ ऐसे लोगो से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया की “इस देश के बड़े मीडिया हाउस जैसे की टाइम्स ऑफ़ इंडिया भी अंध मोदी भक्तों की तरह IIT और आईआईएम का मजाक बनाने पर उतर आये हैं तो अब ऐसे बड़े कॉलेजों से पढ़ाई करने का क्या फायदा जबकि अंत में आपका सिर्फ मजाक ही उड़ना है. इससे अच्छा तो यही है की हम लोग भी इस देश के बेवकुफेपन की बहती गंगा में अपने हाथ धो लें. कम से कम इससे हम लोग राजनीती में सफल होकर देश के प्रधानमंत्री या शिक्षा मंत्री जैसे उच्च पद हासिल करने में कामयाब तो हो जायेंगे.”

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