मोदी से प्रेरणा लेकर MNC में जॉब लगने पर एक युवक ने अपनी डिग्री दिखाने से मना किया.

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जब देश का प्रधानमंत्री और उसको चाहने वाले ही एजुकेशन को सिर्फ एक खेल बनाने में लगे हों तो आम लोग क्या करेंगे. ऐसा ही कुछ वाकया देखने को मिल रहा है आजकल.
बड़ी से बड़ी MNC में भी जॉब लगने पर लोग बाग़ अपनी डिग्री दिखने से साफ मना कर रहे हैं. उनका कहना है पहले मोदी और स्मृति ईरानी की डिग्री देख कर दिखाओ. जब देश की एजुकेशन मिनिस्टर बिना किसी पढ़ाई लिखाई और सिर्फ फ़र्ज़ी डिग्री के बल पर मिनिस्टर बन कर देश के प्रतिभाशाली IIT , आईआईएम और अन्य कई यूनिवर्सिटी के विदार्थिओं के ऊपर हुक्म चला सकती है तो हम लोग तो सिर्फ एक कंपनी में जॉब ही ले रहे हैं. ऐसा कहना था एक युवक का जिसका हाल ही में गुडग़ांव गुरुग्राम की एक नामी गिरामी सॉफ्टवेयर कंपनी में सिलेक्शन हुआ है.

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वह व्यक्ति जिसकी डिग्री मोदी जी अपनी बता कर देश को बेवकूफ बना रहे हैं.

युवक, जिसका नाम फ़र्ज़ी मोदी बताया जा रहा है, उसने अपने आप को देश के एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज का ग्रेजुएट बता कर गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर कंपनी TCS का इंटरव्यू क्लियर कर लिया. जोइनिंग के टाइम पर कंपनी के HR डिपार्टमेंट ने Mr फ़र्ज़ी मोदी को अपने एजुकेशन और अन्य सभी डाक्यूमेंट्स जमा करने के लिए बोला.फ़र्ज़ी मोदी ने अपने सभी डाक्यूमेंट्स जमा कर दिए पर अपनी एजुकेशन क्वालिफिकेशन की डिग्री दिखाने से भी साफ़ मना कर दिया, जमा करना तो दूर की बात है.
HR डिपार्टमेंट ने जब इसका कारण पूछा तो उस युवक ने बड़े ही साफ लफ्जो में देश के प्रधानमंत्री मोदी और HRD मिनिस्टर स्मृति ईरानी का हवाला दिया और कहा जब वे लोग बिना किसी डिग्री के देश के PM और मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद ले सकते है तो वह डिग्री के बिना एक जॉब क्यों नहीं ले सकता.
जब HR डिपार्टमेंट ने दवाब डाला तो उस युवक ने घर पर ही फोटोशॉप का इस्तेमाल करके एक फ़र्ज़ी डिग्री बना कर जमा कर दी जिसका पता कंपनी को तब चला जब उस डिग्री की वेरिफिकेशन यूनिवर्सिटी से की गयी.
यह रिपोर्ट लिखे जाने तक, TCS के साथ साथ देश की और कई नामी गिरामी कंपनियों में ऐसे कई वाक्ये सामने आ गए जिसमे कैंडिडेट्स ने अपनी एजुकेशन की डिग्री दिखाने से साफ मन कर दिया है. अब कंपनियों ने ऐसे कैंडिडेट्स को रिजेक्ट कर दिया है तो उन सभी ने अपना एक अलग संगठन बना कर देश की कंपनियों (जो की एजुकेशन डिग्री की मांग करती है) के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. उन्होंने अपने संगठन का नाम दिया है अभागा (ABhAGA ) – यानि Akhil Bhartiya Anpad Ganwaar Association (अखिल भारतीय अनपढ़ गंवार एसोसिएशन). सुना है स्मृति ईरानी के कहने पर HRD मिनिस्ट्री ने इस संगठन को क़ानूनी मान्यता भी दे दी गयी है.

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