दुनिया के सारे देशों की सैर कर चुके मोदी के लिए कुछ नए देश बनाए जायेंगे.


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इस समय विदेश मंत्रालय काफी नाजुक समय से गुजर रहा है. नहीं, इसका सुषमा स्वराज से कुछ भी लेना देना नहीं है. सुषमा तो सिर्फ नाम की विदेश मंत्री है, असली मज़ा तो मोदी जी विदेशों की सैर कर के ले रहे हैं.
मोदी जी की ही वजह से विदेश मंत्रालय के सभी कर्मचारियों के साथ साथ सुषमा स्वराज की हालत भी इस समय पतली हो गयी है. कारण है, मोदी जी द्वारा दुनिया के सभी अच्छे देशों के दौरे करीब करीब पुरे हो चुके हैं. लेकिन मोदी जी का कार्यकाल 2019 तक का है. तो अब मोदी जी इसी कश्मकश में हैं की अब अगले 3 साल वे क्या करेंगे.क्यूंकि काम के नाम पर तो वे सिर्फ विदेशों की सैर करना ही जानते हैं.

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सो, मोदी जी ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिए हैं की जल्द से जल्द दुनिया में और देश खोजे जाएँ या फिर बनाए जांयें जहाँ के दौरे पर वे जा सकें.
सुषमा स्वराज जोकि इस समय पाकिस्तान, बांग्लादेश और घाना के दौरों पर है, उन्होंने बताया, की मोदी जी उनकी ऐसी तैसी फेर रखी है. सुषमा बोली, “ले दे कर मेरे पास सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और घाना जैसे देश आते हैं जहाँ मोदी जी खुद न जाकर मुझे भेज देते है. ये तो दुनिया के ऐसे देश है जहाँ अगर कोई जाये तो पता नहीं वो वापिस आ भी पता है या नहीं. मोदी जी सारी क्रीम (अमेरिका, यूरोप, आदि देश) तो खुद खा गए हैं और मेरे लिए सिर्फ क्रीम का पानी छोड़ दिया है”.
तो अब विदेश मंत्रालय के सभी अधिकारी इसी उधेड़ बुन में हैं की कैसे नए देश बनाए जाएँ. अब तो एक ही बात से उम्मीद है. जैसे अभी हाल ही में ब्रेक्सिट (BREXIT) के चलते, ब्रिटेन ने EU से अलग होने का फैसला लिया है. इसी प्रकार दुनिया की और देशों के भी कुछ ऐसी ही टुकड़े होते रहे हैं तो ही मोदी जी के लिए कुछ हो सकता है.
इसी के चलते, भारत ने भी ब्रिटेन का EU से अलग होने के फैसले का समर्थन किया और उम्मीद है की दुनिया के किसी भी देश में अगर इसी प्रकार की टूट चल रही है तो भारत उनका भी भरपूर समर्थन करेगा. ना सिर्फ समर्थन बल्कि भारत उनको अलग होने में सक्रिय भूमिका निभाएगा. सुनने में आया है की ब्रेक्सिट का पूरा प्रकरण भारत के सौजन्य से ही हुआ है. 🙂

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