मोदी की छवि सुधारने की वजह से, कंपनी की खुद की छवि हुए धूमिल, ठीक करने के लिए खर्चे 2000 करोड़.


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प्रधानमंत्री मोदी जब 2014 के चुनावों में बीजेपी की तरफ से बतौर प्रधानमंत्री पेश किये गए तो सबसे पहली चुनौती उनके सामने, अपनी छवि को सुधारने की थी. जिस इंसान पर मुस्लिमों के खिलाफ दंगे भड़काने और कई हज़ार लोगो को मारने का आरोप हो, अब वह खुद तो अपनी छवि कैसे भी करके नहीं सुधार सकता.

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सो, Narendra Modi ने अपनी छवि को सुधारने के लिए किसी बडी कंपनी (अमेरिका की मशहूर PR कंपनी HUMCO) का सहारा लेने की सोची. पैसे की तो कोई चिंता थी नहीं, अम्बानी और अडानी पहले से ही दोनों हाथों से लुटाने को तैयार थे. सो पुरे 500 करोड़ खर्च कर दिए Modi ने सिर्फ अपनी छवि को सुधारने और लोगो में अपना नाम की पब्लिसिटी करने के लिए. उसका नतीजा क्या हुआ, आप सब जानते ही हैं. मोदी जी सभी आरोप लगे होते हुए भी बड़े आराम से प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँच गए.
वैसे, अगर 500 करोड़ जितनी राशि किसी गधे के ऊपर भी खर्च कर देते, तो वह भी प्रधानमंत्री बन जाता.
मुद्दे की बात तो यह है की, करोड़ों रूपए खर्च करके Modi ने अपना Image Makeover तो कर लिया, लेकिन इसके चलते वह कंपनी (HUMCO) जिसने यह सब किया, उनकी खुद की छवि इतनी ख़राब हो गयी की उन्हें उसे सुधारने के लिए पुरे 2000 करोड़ रूपए खर्च करने पड़े.
HUMCO कंपनी के प्रवक्ता ने बताया की मोदी का इमेज मेकओवर करना उनके लिए बहुत गलत फैसला साबित हुआ. मोदी की छवि सुधारने के चक्कर में कंपनी की पिछले 32 साल की रेपुटेशन मिटटी में मिल गयी. इसकी वजह से कंपनी ने अपने कई अंतर्राष्ट्रीय क्लाइंट्स खो दिए जिसके चलते कंपनी को कई करोड़ का नुक्सान उठाना पड़ा.
आलम यह है की कंपनी को अब अपनी छवि सुधारने के लिए किसी और कंपनी का सहारा लेना पड़ रहा है जिसके लिए उन्होंने 2000 करोड़ रूपए आलरेडी खर्च कर दिए हैं और अभी शायद कुछ करोड़ और खर्च करने पड़े. 🙂

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