नरेंद्र मोदी बने इनक्रेडिबल इंडिया के Band Ambassador. मोदी से ज़्यादा किसी ने नहीं बजाया इंडिया का Band.


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पहले टॉलरेन्स के विवाद के चलते आमिर ख़ान को इनक्रेडिबल इंडिया के ब्रांड Ambassador से हटाया गया. फिर, पनामा पेपर लीक में अमिताभ बच्चन का नाम होने से उनको इनक्रेडिबल इंडिया के ब्रांड Ambassador से हटाया गया. अब ले देकर और कोई नही बचा तो खुद नरेंद्र मोदी का नाम सामने आया.

लेकिन, नरेंद्र मोदी और इनक्रेडिबल इंडिया के ब्रांड Ambassador? तो सोचा लोगो की राय ली जाए. काफ़ी बहस और चर्चा के बाद आख़िर कर सहमति बन गयी की इनक्रेडिबल इंडिया के लिए मोदी को लिया जाए.
लेकिन, कहानी में ट्विस्ट. मोदी को इनक्रेडिबल इंडिया का ब्रांड Ambassador नहीं बल्कि इनक्रेडिबल इंडिया का Band Ambassador पर आकर बात रुकी.

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मोदी जी देश का Band बजाते हुए.

अब, इंडिया तो इनक्रेडिबल है ही – सो इस पर तो कोई विवाद ही नहीं हो सकता. लेकिन एक ऐसे इंसान को जिसने पिछले 2 साल में इस देश का प्रधानमंत्री बन कर जो Band बजाया है वो शायद ही आज तक किसी और ने बजाया हो.
इसलिए, सर्व सम्मति से फ़ैसला हुआ की नरेंद्र मोदी को इनक्रेडिबल इंडिया का Band Ambassador बनाया जाए.

अपने कभी ना ख़तम होने वाले जुमलों और भाषण के चलते मोदी जी ने पिछले लोकसभा चुनावों में सफलता तो हासिल कर ली लेकिन जुमलों और भाषण से किसी का पेट नही भरता और नही किसी समस्या का समाधान होता है. सो देश के हालात मोदी जी के PM बनने के बाद बद से बदतर होते गये.
आख़िरकार लोगो की समझ में आया की मोदी जी तो प्रधानमंत्री बनने से लेकर आज तक सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने जुमलों के चलते उनका और पूरे देश का Band बजाते आ रहे हैं.

सो इस पर सभी विपक्षी पार्टियों ने भी हामी भर दी की सिर्फ़ मोदी ही इनक्रेडिबल इंडिया के Band Ambassador हो सकते हैं.
भक्तों ने जब यह सुना तो वे खुशी से पागल हो कर हमेशा की तरह मोदी मोदी मोदी का गुणगान करने लगे. खैर, उनको अपनी खुशी में रहने दीजिए जब तक की वे ब्रांड और Band में फ़र्क जान पाएँ.
दूसरी तरफ, दिल्ली के band वालों मतलब की बेंड बाजे वालों ने इस पर काफ़ी एतराज जताया है. उनका कहना है की मोदी जी को इनक्रेडिबल इंडिया का Band Ambassador बनाने से उनके बिज़्नेस पर काफ़ी ग़लत असर पड़ेगा और उनकी रेप्युटेशन भी मार्केट में खराब होगी.

उनका यह भी कहना था की हालाँकि band बजाना उनका पेशा है लेकिन उन्होने संपने में भी अपने देश या देशवासीओं का band बजाने का सोचा तक नही है.
उधर दिल्ली के एक फेमस बेंड बाजे वाली कंपनी ने अपना नाम ही बदल कर मोदी बेंड रख लिया है ताकि वे मोदी के नाम को अच्छी तरह से भूना सके और उसका कुछ फ़ायडा उठा सकें. हैरानी वाली बात यह हुई की देखते देखते ही उसको नाम बदलने से काफ़ी नये ऑर्डर मिल गये.

यह बात जब उड़ती हुई मोदी जी के कानों तक पहुँची, तो वे कुछ ऐसा कहते सुने गये की

“मित्रों, मैं भी बचपन से ही बेंड बाजे वाला बनना चाहता था. मुझे बचपन से ही दूसरों का Band बजाने का शौंक था. लेकिन, किसी कारणवश में बेंड वाला ना बन सका, तो मैने सोचा की इस देश का प्रधानमंत्री तो बन ही गया हूँ तो क्यूँ ना इस देश और देशवासीओं का Band बजा कर अपना बचपन का शौंक पूरा करूँ. सो, मैने इस देश का Band बजाना शुरू कर दिया और उम्मीद है की मैं अपने BJP के और साथियों के साथ इस कार्य को 2019 तक करता रहूँगा. उसके बाद तो फिर….”. यह कहते कहते मोदी जी जैसे ही रुके तो आकाशवाणी हुई की “… उसके बाद यह देश तुम्हारा Band बजाएगा.”

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