घंटो बैंको और एटीएम की लाइन में लगने के बाद एक नवविवाहित आदमी ने अपनी पत्नी को पहचानने से किया इनकार.


Disclaimer: Articles on this website are fake and a work of fiction and not to be taken as genuine or true. इस साइट के लेख काल्पनिक हैं. इनका मकसद केवल मनोरंजन करना, व्यंग्य करना और सिस्टम पर कटाक्ष करना है नाकि किसी की मानहानि करना.

दिल्ली के रहने वाले रमेश की शादी अभी हाल ही में (नोटबंदी के बाद) बुलंदशहर की रजनी से हुई है. रमेश की बदकिस्मती देखिये, पहले शादी करवाने के लिए जरुरी पैसों के प्रबंध के लिए घंटो बैंको और एटीएम की लाईनो में लगा. शादी तो जैसे तैसे हो गयी, लेकिन बैंको और एटीएम में कैश की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है.

notebandi-newly-married-man-failed-recognised-wife-satire
आलम यह है की बेचारा रमेश नकदी की किल्लत के चलते अपने हनीमून पर भी नहीं जा पाया है अभी तक. शादी के फेरे जैसे तैसे ख़तम करके बेचारा रमेश वापिस एटीएम और बैंको की कतारों में जा खड़ा हुआ. उसका नंबर आते आते कैश ख़तम हो गया. मरता क्या ना करता, रमेश भाग कर दूसरे बैंक और फिर तीसरे एटीएम की कतार में पहुँच गया लेकिन बदकिस्मती ने उसका साथ यहाँ भी ना छोड़ा. अंत में कम से कम 9 अलग अलग एटीएम और बैंको की कतारों में खड़ा होने के बाद, दसवें एटीएम की कतार में 12 घंटे खड़े रहने के बाद, सिर्फ एक 2000 का नोट लेकर घर वापिस पहुंचा.

मोदी की अपील, रिश्वत का लेन देन डिजिटली यानि कैशलेस तरीके से करें.

उस बेचारे की किस्मत देखिये, की जब वह वापिस घर पहुंचा तो अपनी नवविवाहित पत्नी को ही नहीं पहचान पाया. पहचानता भी कैसें, बेचारा घूँघट उठाने की रस्म पूरी करने से पहले ही बैंक और एटीएम की कतारों में पहुँच गया और एक बार भी अपनी नवविवाहित बीवी की शक्ल तक ना देख पाया.
उसकी पत्नी ने उसे अपने बारे में बता कर लाख बार समझाने की कोशिश की लेकिन रमेश फिर भी टस से मस नहीं हुआ.

अंत में उसके माता पिता और लड़की के माता पिता के साथ साथ शादी करवाने वाले पंडित और शादी की फोटो और विडियो आदि का सहारा लेकर रमेश को किसी तरह से आश्वस्त किया गया की वह वाकई में उसकी पत्नी है, कोई अजनबी नहीं.

तब से लेकर अब तक, रमेश जब भी बैंक और एटीएम की कतार में खड़ा होने के लिए जाता है तो अपनी पत्नी की पासपोर्ट साइज की फोटो अपने साथ लेकर जाता है ताकि वापिस आने पर फिर से वही दिक्कत का सामना ना करना पड़े.

पढ़िए, नोटबंदी को लेकर मोदी और जेटली खुद ही इतने कन्फ्यूज्ड हैं कि अपने हर फैसले पर ले रहे हैं यू टर्न.

Loading...

Add Comment