लगातार 24 घंटे तक उत्तर भारतीयों को कोई गाली न देने की वजह से राज ठाकरे का दिमागी संतुलन बिगड़ा.


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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को आज तड़के मुंबई के एक पागल खाने में दाखिल करवाया गया. डॉक्टर्स के टीम जिन्होने राज ठाकरे की शुरुआती जाँच की, उन्होने बताया की राज ठाकरे का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है. कारण पूछने पर बताया की ऐसा इसलिए हुआ हैं क्यूंकी राज ठाकरे ने लगातार 24 घंटे तक उत्तर भारतीयों को कोई गाली नही दी अथवा किसी प्रकार की कोई धमकी इत्यादि भी नहीं दी.

आपकी जानकारी के लिए यह बता दें की राज ठाकरे मुंबई और महाराष्ट्र को भारत का हिस्सा ना मानकर अपितु उसे एक अलग देश हीं मानते और यह मानते हैं की यह उनके बाप की प्रॉपर्टी है.

इसलिए उनको यह कतई पसंद नही की कोई आउटसाइडर (non-marathi) मुंबई में जाकर बसे अथवा कोई काम करे. और उपर से उसके पास करने लायक कोई ढंग का काम भी नही है या यूँ कहें की वह किसी काम के लायक भी नही है. तो अब खाली बैठे बैठे वो आए दिन उत्तर भारतीयों को गालियाँ या कोई ना कोई धमकी देते रहते हैं.

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अभी हाल ही में उसने 2 बार उत्तर भारतीयों को धमकाया था. इस बेशर्म इंसान की जुर्रत तो देखो उसने सीधे शब्दों में उत्तर भारतीयों के Auto-Ricksaw को आग के हवाले करने का फरमान जारी किया था. और अब जब होली का त्योहार नज़दीक है तो उसने फिर से अपने कार्यकर्तायों को निर्देश दिया की कोई उत्तर भारतीय अगर पानी से होली खेलता दिखाई दे तो उसके हाथ तोड़ दें.

अब इन सब बातों से आपको उसकी दिमागी हालत का अंदाज़ा तो हो ही गया होगा. आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें की यह होली के त्योहार से संम्बंदित धमकी को दिए 24 घंटे से ज़्यादा का वक्त गुज़र चुका है. अब जो इंसान उठते बैठते सोते जागते उत्तर भारतीयों को गली देता रहता हो, तो इतने ज़्यादा वक्त तक कोई गाली ना दे सकने के कारण उसकी दिमागी हालत तो स्पष्ट रूप से बद से बदतर हो ही जाएगी.

सो यही कुछ हुआ है इस मराठी मानुष(??) के साथ. राज का दिमागी संतुलन इस कदर बिगड़ा की पागल खाने में भर्ती करने के अलावा कोई और चारा नही था.
डॉक्टरों के माने तो उसकी यह दिमागी बीमारी पूरी तरह से लाइलाज है. ऐसी बीमारी से ग्रस्त इंसान अपने आप को सबसे बड़ा धुरंधर समझता है और बाकी लोगो को फुदू बल्कि वास्तविकता में होता इसका उल्ट है.

तो अब इस फुदू इंसान को डॉक्टरों ने एक बंद कमरे में रखा हैं ताकि वह किसी और को कोई नुकसान ना पहुँचा सके. उस बंद कमरे में चारो तरफ उत्तर भारत की और उत्तर भारतीयों की तस्वीरें लगाई गयी हैं ताकि वह बंद कमरे में ही उन पर अपनी भड़ास निकाल सके और असल ज़िंदगी में किसी को नुकसान ना पहुँचा सके.

हमारे रिपोर्टर ने जब उस बंद कमरे में झाँक कर देखा तो पाया वह मराठी में ही मारने काटने और आग लगाने इतियदि जैसी बकवास कर रहा था.
डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत के हिसाब से तो उसे पूरी उमर पागल खाने में ही रखना बेहतर होगा लेकिन उसकी पार्टी के कार्यकर्ता डॉक्टरों पर उसको जल्द डिसचार्ज कारने के लिए दवाब बना रहे है तो सपष्ट तौर पर अभी कुछ भी नही कहा जा सकता.

वैसे मिस्टर. राज ठाकरे आप जैसे इंसानो के लिए उत्तर भारतीयों की ज़ुबान में एक शब्द है वह है चूतिया. तो एक धमकी आपके लिए भी (क्यूंकी आप सिर्फ़ धमकी की भाषा ही समझते हैं) – अपनी आए दिन की चुतियापे से बाज़ आ जाओ वरना उत्तर भारतीय आप जैसे लोगो ठीक करने का ज़्यादा अनुभव रखते हैं.

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