जानिए, मुंबई के एक बैंक का केशियर राज ठाकरे के बैंक में आते ही क्यूँ अपनी सीट से उठ के भाग जाता है.

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ताज़ा मिली जानकारी के अनुसार MNS प्रमुख राज ठाकरे की वजह से मुंबई के एक बैंक में तनाव का माहौल है. यह घटना राज ठाकरे को पागलख़ाने में दाखिल करने से पहली की बात है.

सूत्रों के मुताबिक कल सुबह राज ठाकरे मुंबई के एक लोकल बैंक में कुछ पैसे निकालने के लिए गये थे. लेकिन केशियर के पास जाकर उन्होंने पेमेंट सिर्फ़ मराठी में छापे नोटों में ही लेने की बात कही.

केशियर ने उन्हें समझाने की कोशिश की इंडियन करेन्सी के नोट मराठी भाषा में नही छापे जाते. इसी बात पर राज ठाकरे आग बबुला हो गये और केशियर को धमकाने लगे.

बताया जा रहा है की यह बैंक मूल रूप से उत्तर भारत का है जिसकी मुंबई समेत भारत के सभी नगरों में इसकी शाखा है. और मुंबई की इस शाखा में काम करने वाले सभी कर्मचारी बैंक मेनेज़र समेत उत्तर भारतीय हैं.

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राज ठाकरे मुंबई के बैंक में मराठी में छापे नोटों की माँग करते हुए.

आपको ज्ञात होगा की राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से कितनी नफ़रत करते हैं और उनको उत्तर भारतीयों के मुंबई या महाराष्ट्र में रहने और काम करने को लेकर बड़ी आपति है. मुंबई को अपने बाप की जागीर समझने वाले राज ठाकरे आए दिन उत्तर भारतीयों को धमकाते अथवा मरते पीटते रहते हैं.

सुनने में आया है की इसी नफ़रत के चलते राज ठाकरे ने जानबूज कर ऐसी हरकत की है और मराठी में छापे नोटों की माँग की ताकि वह वहाँ पर काम करने वाले लोगो को परेशान कर सके.

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बैंक का केशियर घबराते हुए अपने आप को राज ठाकरे से बचाता हुआ.

इस घटना के बाद उस बैंक में काफ़ी तनाव का माहौल है और उन्होने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर सारे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए इसमे उचित कार्रवाई करने की माँग की है.
अभी मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस पर फ़ौरन कड़े कदम उठाते हुए, सारी घटना की जानकारी RBI (रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया) को दी है और PMO (प्राइम मिनिस्टर ऑफीस) की तरफ से RBI पर दवाब बनाकर उन्हे जल्द से जल्द मराठी में नोट छापने के आदेश दिए हैं.

इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक RBI ने मराठी में नोट छापने शुरू कर दिए थे.

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