संस्कृत में न होने के कारण भारत से मोबाइल, फेसबुक और व्हाट्सप्प आदि होंगे बैन

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अभी मिली ताजा जानकारी के अनुसार, मैडम आंटी डिअर स्मृति ईरानी अब भारत में मोबाइल, फेसबुक और व्हाट्सप्प पर पूरी तरह से बैन लगाना चाहती हैं. ऐसा इसलिए क्यूंकि यह सब संस्कृत में नहीं हैं. संस्कृत की शौक़ीन स्मृति ईरानी हर चीज को संस्कृत में चाहती हैं.
जैसा की हम पहले ही बता चुके हैं की वे तो भारत से हिंदी और अंग्रेजी को पूरी तरह से खत्म करके रोज़मर्रा के काम काज के लिए सिर्फ संस्कृत भाषा में करना चाहती हैं. इसलिए तो उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की भाषाएँ जैसे की C Java HTML आदि को बैन करके देश के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सिर्फ संस्कृत में प्रोग्रामिंग करने के लिए प्रेरित करती नज़र आती हैं.

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और अब गाज आकर मोबाइल, फेसबुक और व्हाट्सप्प पर आकर गिरी है. डिअर स्मृति का मानना है की देश में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल, फेसबुक और व्हाट्सप्प आदि विदेशिओं द्वारा बनाए गए हैं इसलिए भी यह सब मोदी जी के मेक इन इंडिया के विरुद्ध है.
स्मृति ईरानी ने कहा “हम चाहते हैं की देसी कंपनियां इन चीजों को देश में ही बनाए और उनमे सिर्फ संस्कृत भाषा का ही प्रयोग करे ताकि लोगो में देश भक्ति की भावना पैदा हो सके.”
स्मृति ईरानी ने खास तौर पर बाबा रामदेव से इसके लिए सहायता मांगी है और उन्हें कहा है की वे जल्द से जल्द इन तीनो चीजों को पतंजलि में बना कर बाजार में उतारें.
सुना है बाबा रामदेव ने इसके लिए हामी भर दी है और वे बस इंतजार कर रहे हैं की कब सरकार बाजार में बिकने वाले मोबाइल के साथ साथ फेसबुक और व्हाट्सप्प पर बैन लगाए और वे इन चीजों के पतंजलि विकल्प को बाजार में लांच कर दें.
फ़िलहाल तो मोबाइल, फेसबुक और व्हाट्सप्प आदि का संस्कृत में क्या नाम होगा इसी पर माथा पची जारी है. 🙂

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