“मेरा राहुल तो गाय है, इसलिए उसकी रक्षा करना गौरक्षकों की जिम्मेदारी” – सोनिया गाँधी


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कांग्रेस की अम्मा सोनिया गाँधी के सुपुत्र राहुल गाँधी का कैरिअर, 45 वर्ष की उम्र होने के बाद भी शुरू होने का हैं ही नहीं ले रहा. देखा जाये तो राहुल गाँधी इस समय देश का मोस्ट एलिजिबल बेरोज़गार है. शायद यही कारण है की कोई भी लड़की उसके साथ शादी करने को राज़ी ही नहीं रही.
राहुल गाँधी की और कांग्रेस की अम्मा सोनिया गाँधी ने इन सब बातों के लिए देश के गौरक्षकों को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है की उनका बेटा राहुल पूरा गाय है, तो गौ रक्षकों का फ़र्ज़ बनता है की वे उसकी और उसके कैरिअर की रक्षा करें.

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सोनिया गाँधी की यह गाय है तो सफ़ेद रंग की लेकिन दुधारू नहीं है. इसलिए उसे शायद इलाज की जरुरत है ताकि वह कम से कम 50 की आयु के अधेड़ होने से पहले दुधारू हो सकें यानि की अपना कैरिअर शुरू कर सके और कोई राजनीती में कोई इज़्ज़तदार पद ले सकें. कब तक वे अपनी माँ सोनिया के ऊपर आश्रित रहेंगे और अपने बाप दादाओं की जायदाद पर ऐश करेंगे.
वैसे, राहुल गाँधी से साथ साथ, देश में एक और भी उन्ही की तरह की गाय मौजूद है – वह है अमिताभ बच्चन का इकलौता लेकिन बेरोज़गार सुपुत्र अभिषेक बच्चन. वे भी पूरी तरह से अपने पिता और पत्नी के पैसों पर ऐश कर रहे हैं. वैसे तो कोई उनको अपनी फिल्म में लेने का रिस्क लेता नहीं, लेकिन अगर गलती से कोई ले भी ले, तो फिल्म बनने से पहले ही फ्लॉप हो जाती है.
खैर, वापिस राहुल की तरफ आते हैं. उनकी माता सोनिया गाँधी ने देश के प्रधानमंत्री मोदी जी से गुहार लगाई है की वे अपने पालतू गौ रक्षकों को उनके गाय जैसे बेटे की जिम्मेदारी सौंपे.

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