महिला दिवस : एंजल प्रिय की दर्द भरी विनती , बंद हो उसपर अत्याचार


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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की लोकप्रिय हस्ती एंजल प्रिया ने महिला दिवस हैशटैग के तहत , एक ताज़ा पोस्ट में अपनी आपबीती सुनाई ।
बताते चलें कि भारत में फेसबुक पर पहला अकाउंट एंजल प्रिया ने ही बनाया था । तीन से चार दिनों के भीतर ही उन्होने पाँच हज़ार मित्र बना लिए थे । उनकी लोकप्रियता को देखते हुये फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकारबर्ग ने स्वयं उनका फेसबुक पेज डिज़ाइन करके उनको सौंप दिया । उनके दीवानों की सूची में न सिर्फ “Coolxx guy Vicky” , “Rockstarz dude Rahul” जैसी हस्तियाँ शामिल हुई बल्कि काफी मात्रा में “Hawty Tawty Pwincess” जैसी युवा महिलायेँ भी बढ़-चढ़कर उनके नक्शेकदम पर चलने के लिए कटिबद्ध हो गयी ।


समय के साथ-साथ एंजल प्रिया की लोकप्रियता सरहदें पार कर गयी । एशिया समेत अन्य कई महाद्वीपों में उनका बोलबाला हो गया पर “स्पैमर्स” को शायद उनकी तरक्की मंजूर न थी । पिछले कुछ वर्षों में उनके नाम के काफी सनसनीखेज “trolls” तथा “memes” वाइरल हुये , जिसमे से कुछ उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत हैं :-
– “जिसका कोई नहीं होता उसकी एंजल प्रिया होती है!”
– “ताहेर शाह ही एंजल प्रिया है!”
ऐसा प्रतीत होता है कि एंजल प्रिया अपने नाम का मज़ाक बना दिये जाने से थक चुकी थी । शायद इसी कड़ी में उन्होने महिला दिवस के अवसर पर , खुद पर चल रहे इस शोषण से व्यथित होकर फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट डाली , जिसमे उनके अपार दुख का बखान था । पोस्ट में एंजल ने कहा कि वह खुद को युवा महिलाओं की प्रतिनिधि बनाते हुये , उनके लिए एक सफल उदाहरण भी प्रस्तुत करना चाहती थी , पर उन्हे ऐसा करने नहीं दिया गया । उन्हें कई परिजनों (जिनकी पुत्रियों के नाम भी सौभाग्य से प्रिया हैं) के “Hate Message” आते हैं कि एंजल के कारणवश उनकी बेटियों की ज़िंदगी बर्बाद हो चली है । भावी परिजन भी बेटियों का नाम प्रिया रखने से डरने लगे हैं ।
एंजल ने यह भी कहा की वह खुद को “इश्क़ वाले लव” की दूत मानती थी , पर उनको बदले में सिर्फ नफरत ही मिली । उन्होने पोस्ट में महिला आयोग , मानवाधिकार आयोग और फेसबुक को मेंशन करते हुये इस अत्याचार को रोकने की दुहाई लगाई और पोस्ट के अंत में करीब हज़ार दुखी smiley बना दिये।
इतने मार्मिक अनुरोध के बावजूद भी उनके दुश्मन न माने और कमेंट-बॉक्स में लाखों आपत्तिजनक स्टिकर्स पोस्ट करते हुये , उनकी पोस्ट को “Spam” के तौर पर रिपोर्ट कर दिया । अब खबर यह आ रही है कि वह हर उत्पीड़ित महिला कि तरह हार मान गयी हैं और फेसबुक से सन्यास की घोषणा कभी भी कर सकती हैं । फिलहाल , मामले की जांच की कमान खुद मार्क ज़ुकारबर्ग के हाथों में हैं और वह इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्णतः प्रयासरत हैं।

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