UNESCO ने भारतीय रेल में यात्रा को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ Adventure स्पोर्ट घोषित किया।


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unesco-indian-railway-travel-best-adventure-sportsदुनिया भर के रोमांच और adventure पसन्द लोगों की पहली पसन्द बनी है भारतीय रेल। एक ऐरे-गैरे संस्था के द्वारा करवाये गए सर्वे में पता चला है की भारतीय रेल का रुझान दुनिया भर में बढ़ता ही जा रहा है। UNESCO ने भारतीय रेल में सफर करने को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ adventure घोषित किया है। इसलिए दुनिया भर के लोग sky diving, bungee jumping, bull fighting वगैरह छोड़ के भारतीय रेल में एक टिकट का इंतज़ाम कर रहे हैं।

यह जानने के लिए कि इसके इलावा यूनेस्को ने और क्या क्या डिक्लेअर किया, यहाँ क्लिक करें.

हाल के भोपाल-पटना एक्सप्रेस की दुर्घटना के बाद एडवेंचर प्रेमी S1, S2, और S3 बोगियों में सीट के लिए दुगनी कीमत तक अदा कर रहे हैं। इससे टिकट बुक करने वाले एजेंट्स का फायदा हुया है। रेलवे का surge pricing वाला कदम भी इन खतरे के खिलाड़ियों की वजह से अगले एक दो सदियों में सफल होता दिख रहा है।

रेलवे के कर्मचारी भी इस बात से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने भी सैलानियो के इस adventure को यादगार बनाने के लिए कमर कस ली है। पटरियों और ट्रेनों के छोटे-मोटे पार्ट्स चुरा कर बेचने के काम में काफी तेजी आई है। यात्रियों के रोमांच में कमी ना आये इसलिए ड्राइवरों के लिए engine में ही गांजे का इंतज़ाम किया जायेगा। जितने भी ट्रेन attendant या टीटी हैं, उन सब के खर्राटे मारकर सोने की काबिलियत का दुबारा टेस्ट किया जायेगा। अभी रेलवे और भी उपायों पर विमर्श कर रहा है जिससे सफर को अधिक से अधिक रोमांचकारी बना सके।

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि जिस प्रकार मनमोहन सिंह का भाषण हर दिन नहीं आता, उसी प्रकार ट्रेन एक्सीडेंट हर यात्री को नसीब नही होता। ये मौका सिर्फ खास बदनसीबों को ही मिलता है।

वैसे कई और adventure भी हैं जो सरकार सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराती है, जैसे की बदबूदार और अति गन्दे रेलवे स्टेशन, बद्तमीज़ और अकडू कर्मचारी, सड़ा-बासी-कच्चा खाना, रिश्वतखोर टीटी, कन्धा-तोड़ू भीड़, पिछली रात मूली पराठा खाया हुआ कोई आदमी, आपके ऊपर सूसू करता हुआ ऊपर बैठा बच्चा, पैर हिलाने के लिए आधा इंच जगह, दो लोगों की घमासान लड़ाई और इन सब के साथ पार्श्व में बजता संगीत -”तू लगावेलु जब लिपिस्टिक…हिले ला आरा डिस्टिक।”

अब बताइए ये सब पढ़ के ही रोंगटे खड़े हुए या नहीं, तो ये झेल कर कैसा लगेगा। अब ट्रेन लेट होना, सुबह के समय लोटा लिए जाते लोगों को देखना, अपने सामान को चोरी होने से बचाना य किन्नरों को पैसे देने न देने की बहस जैसी चीजें भी शामिल हैं। और गाहे-बेगाहे किस्मत बुरी रही तो आपकी ट्रेन का एक्सीडेंट भी हो ही जायेगा। फिर क्यों कोई जाये अमेजन के जंगलों में एनाकॉन्डा से लड़ने।

खबर तो यहां तक आ रही है की discovery चैनल के beargrills जल्दी ही भारतीय रेल के सफर से जिंदा बच निकलने पर man vs wild का एक एपिसोड लाएंगे। हो सकता है ये उनका आखिरी episode हो।

वैसे सूत्रों के हवाले से एक और खबर आ रही है की DRDO के वैज्ञानिक मिसाइलों में भारतीय रेल की तकनीक अपनाएंगे ताकि युद्ध के समय दुश्मन के ज्यादा से ज्यादा लोग मारे जाएं।

(मकसद हादसे के शिकार लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। उद्देश्य है उस सिस्टम पर तंज करना जो साल दर साल कुम्भकर्ण की तरह सोया रहता है और हादसे होने पर उठ कर मुआवजे बांट कर फिर सो जाता है। ये सिस्टम संवेदनाओं से नहीं मुआवजों पर चलता है।)

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