मुलायम-अखिलेश-शिवपाल यादव के अंदरूनी झगड़ो की वजह से सपा का नाम “स्यापा” होना चाहिए.

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उत्तर प्रदेश में यादव परिवार में चल रही तनातनी जग जाहिर है. UP के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कभी अपने चाचा शिवपाल यादव को निकल देते है तो कभी वापिस रख कर फिर से बर्खास्त कर देते हैं. मुलायम सिंह यादव शायद यह सोच कर चुप हो जाते है की लड़कों (अखिलेश) से गलती हो जाती है.
लेकिन वैसे, मुलायम इतने मुलायम भी नज़र नहीं आ रहे लेकिन कुछ ज्यादा खुल कर बोल भी नहीं पा रहे. कुल मिलकर यह देखा जाये की सपा (समाजवादी पार्टी) में जिस तरह से लोग आपस में झगड़ रहे हैं, उस हिसाब से उसका नाम सपा की जगह “स्यापा” होना चाहिए.

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पार्टी से एक दूसरे को निकाला और बाहर ऐसे फेंक जा रहा है मानो दिवाली की तैयारी में जुटे लोग घर की सफाई कर रहे हों.
वैसे, सुनने में यह भी आ रहा है की समाजवादी पार्टी ने UP के विधानसभा चुनाव को 2020 तक टालने के लिए अर्ज़ी दी है क्योंकि उनका कहना है की 2019 तक तो उन्हें आपस में ही झगड़ना है.

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इस स्यापा पार्टी में जो कुछ हो रहा है वह वाकई काफी दिलचस्प है और इसकी वजह से न्यूज़ चैनल्स की TRP टीवी के बाकि सीरियल आदि प्रोग्राम से काफी बढ़ गयी है.

उप में किसी शादी में शादी के कार्ड पर किस का नाम छपेगा और किसका नहीं, इसी बात पर गोलियां चल जाती है तो फिर वहां की राजनीती में कुर्सी के लिए इतने झगडे होना तो कोई आश्चर्य की बात नहीं.

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